Records: भारत में सामाजिक सदभाव और आपसी भाईचारे (Communal Harmony India) के सामने ‘नफरती भाषण’ एक बड़ी चुनौती बन कर उभरे हैं। हाल ही में जारी ‘हेट स्पीच इवेंट्स इन इंडिया 2025 (India Hate Speech Report 20250’ की रिपोर्ट और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणियों ने देश के वर्तमान परिदृश्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नफरत फैलाने वाले बयानों की यह बाढ़ केवल गलियों और रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने डिजिटल दुनिया में भी अपनी जड़ें गहरी कर ली हैं, जो देश के लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। वाशिंगटन स्थित ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गेनाइज्ड हेट’ (CSOH) के प्रोजेक्ट ‘इंडिया हेट लैब (Hate Speech Events in India 2025 ) रिपोर्ट ने भारतीय राजनीति और सामाजिक ताने-बाने में नफरती भाषणों के बढ़ते प्रभाव को लेकर बहुत डरावने खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल देश में 1,318 नफरती भाषणों (Hate Speech Events PDF) नफरती घटनाओं का दावा करते हुए बताया गया है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ बयानों में 13% की वृद्धि हुई है, जो साल 2023 के मुकाबले 97% ज्यादा है।